राष्ट्रीयवाद और अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति
वैश्वीकरण के युग में राष्ट्र: राष्ट्रवाद और अंतर्राष्ट्रीय राजनीति (The Nation in a Global Age: Nationalism and International Politics) आज हम एक ऐसे युग में जी रहे हैं जहां तकनीक, व्यापार और संचार ने दुनिया को एक "ग्लोबल विलेज" (वैश्विक गांव) में तब्दील कर दिया है। एक समय था जब यह माना जाता था कि वैश्वीकरण (Globalization) के कारण राष्ट्रीय सीमाओं का महत्व कम हो जाएगा और 'राष्ट्र-राज्य' (Nation-State) की अवधारणा धुंधली पड़ जाएगी। लेकिन अगर हम आज की अंतर्राष्ट्रीय राजनीति पर नज़र डालें, तो तस्वीर बिल्कुल अलग दिखती है। वैश्वीकरण के इस चरम युग में 'राष्ट्रवाद' (Nationalism) न केवल जीवित है, बल्कि एक नई और अधिक आक्रामक शक्ति के रूप में फिर से उभर रहा है। इस विस्तृत ब्लॉग में हम यह समझने का प्रयास करेंगे कि एक वैश्विक युग में राष्ट्र की क्या भूमिका है, राष्ट्रवाद का पुनरुत्थान क्यों हो रहा है, और यह अंतर्राष्ट्रीय राजनीति को कैसे आकार दे रहा है। 1. वैश्वीकरण और राष्ट्र-राज्य की बदलती भूमिका वैश्वीकरण ने संप्रभुता (Sovereignty) की पारंपरिक परिभाषा को चुनौती दी ह...