विश्व प्रणाली सिद्धांत, विकास और लोकतंत्र 1. प्रस्तावना समकालीन सामाजिक विज्ञान, राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में विश्व प्रणाली सिद्धांत (World Systems Theory) , विकास के मॉडल और लोकतंत्र के अंतर्संबंधों का अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। पारंपरिक दृष्टिकोणों से हटकर यह सिद्धांत राष्ट्र-राज्यों को अलग-थलग इकाइयों के रूप में देखने के बजाय पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक एकल इकाई के रूप में विश्लेषित करता है। इस आलेख में हम इमैनुअल वालरस्टीन के विश्व प्रणाली सिद्धांत, इसके अंतर्गत विकास के स्वरूप और वैश्विक राजनीति में लोकतंत्र की स्थिति व उसकी सीमाओं का विश्लेषण करेंगे। 2. इमैनुअल वालरस्टीन का विश्व प्रणाली सिद्धांत: मूल अवधारणा विश्व प्रणाली सिद्धांत के प्रणेता प्रसिद्ध समाजशास्त्री इमैनुअल वालरस्टीन (Immanuel Wallerstein) थे, जिन्होंने 1970 के दशक में मार्क्सवादी और निर्भरता सिद्धांतों से प्रेरणा लेते हुए वैश्विक पूंजीवादी व्यवस्था का एक नया खाका पेश किया। इस सिद्धांत के मुख्य आधार निम्नलिखित हैं: वैश्विक श्रम विभाजन: विश्व प्रणाली का आधार एक ऐसा वैश्विक श्रम विभ...
विकास : अविकसितता और निर्भरता (Development and Underdevelopment: A Dependency Perspective) परिचय: विकास और अविकसितता की पारंपरिक और आलोचनात्मक अवधारणा राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में 'विकास' (Development) और 'अविकसितता' (Underdevelopment) केवल आर्थिक वृद्धि के आंकड़े नहीं हैं, बल्कि यह वैश्विक शक्ति संतुलन, ऐतिहासिक शोषक संरचनाओं और अंतर्राष्ट्रीय श्रम विभाजन के जटिल परिणाम हैं। पारंपरिक उदारवादी दृष्टिकोण विकास को एक क्रमिक, रैखिक (Linear) प्रक्रिया मानता है, जिसके तहत अविकसित देश पश्चिमी देशों के मॉडल का अनुसरण करके विकसित हो सकते हैं। इस दृष्टिकोण के अनुसार, अविकसितता किसी समाज की अपनी आंतरिक अक्षमता, रूढ़िवादिता या पूंजी व तकनीक के अभाव का परिणाम है। इसके विपरीत, निर्भरता सिद्धांत (Dependency Theory) इस पारंपरिक दृष्टिकोण को पूरी तरह खारिज करता है। यह तर्क देता है कि अल्पविकसितता कोई मूल या प्राकृतिक स्थिति नहीं है, बल्कि यह वैश्विक पूंजीवादी व्यवस्था द्वारा उत्पन्न एक सुविचारित स्थिति है। विकसित देशों (केंद्र/Core) की समृद्धि और विकास सीधे तौर पर विक...