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स्विट्जरलैण्ड में प्रत्यक्ष प्रजातंत्र

विश्व में स्विट्जरलैण्ड ही एकमात्र ऐसा देश है जहां प्रत्यक्ष प्रजातंत्र  प्रचलित है । प्रत्यक्ष प्रजातंत्र के जो भी साधन है उनका प्रयोग इस देश  से अधिक और कहीं नहीं होता है। प्रत्यक्ष प्रजातंत्र के सफल प्रयोग ने इसे अद्वितीय देश बना दिया है । स्विट्जरलैंड प्रजातंत्र का गृह या प्रयोगशाला है । ब्राइस के मतानुसार" विश्व की आधुनिक लोकतंत्र में जो की वास्तविक लोकतंत्र है अध्ययन की दृष्टि से स्विट्जरलैंड का सर्वाधिक महत्व है। "
स्विस संविधान में प्रत्यक्ष प्रजातंत्र की तीन विधियों को अपनाया गया है।

* प्रारम्भिक सभाएं - इसमें निर्धारित समय पर देश के सभी व्यस्क नागरिक एक स्थान पर एकत्र होकर कानूनों  का निर्माण और नीतियों का निर्धारण करते हैं। इस प्रक्रिया में नागरिक अपनी प्रभुसत्ता का प्रत्यक्ष रूप से प्रयोग करते हैं। प्रारम्भिक सभाओं की व्यवस्था स्विस में 4 अर्द्व कैण्टनों एवं 1 कैण्टन में प्रचलित है। इन सभाओं को 'लैंडसजीमाइंड ' कहा जाता है। प्रतिवर्ष कैं ण्टन के सभी व्यस्क पुरुष नागरिक खुले मैदान में एकत्र होकर संविधान में संशोधन, संविधान में संशोधन, सामान्य कानूनों का निर्धारण, करारोपण, मताधिकार, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका के अधिकारों के निर्वाचन आदि का संपादन करतें हैं। जनसंख्या वृद्धि एवं प्रशासनिक पेचीदगियों के कारण यह विधि अव्यावहारिक होती जा रही है ।

* जनमत संग्रह या लोक निर्णय(Referendum )- यह ऐसी व्यवस्था है जिससे जनता के हाथों व्यवस्थापिका द्वारा निर्मित कानूनों पर निषेधाधिकार अथवा वीटो करने की शक्ति प्राप्त हो जाती है । जनमत संग्रह केंद्र व कैण्टनों( राज्यों) दोनों में होता है। जनमत संग्रह के माध्यम से जनता प्रत्यक्ष रूप से देश के संवैधानिक एवं साधारण कानूनों पर अपना मत प्रकट कर शासन कार्य में भाग लेती है। यदि जनमत पक्ष में है तो कानून स्वीकृत होता है नहीं तो अस्वीकृत हो जाता है । यह जनता के हाथ में नकारात्मक अस्त्र है ।
* आरम्भक या उपक्रम( Initiative)- इसमें नागरिक स्वयं कानून को प्रस्तुत कर सकते हैं। इसका प्रयोग केंद्र तथा कैण्टनों दोनों में होता है । इसमे द्वारा जनता अपनी इच्छा या विचारों के अनुसार कानून निर्माण का मार्ग प्रशस्त करती है । यह जनता के हाथ में सकारात्मक शस्त्र है । व्यवस्थापिका की अनिच्छा के बावजूद जनता विधि निर्माण के संबंध में कार्यवाही कर सकती है।

स्विटजरलैण्ड में प्रत्यक्ष प्रजातंत्र के सफलतापूर्वक कार्य करने के प्रमुख कारणों में वहाँ की जनता का चरित्र, तटस्थता की नीति, देश का छोटा आकार, सीमित जनसंख्या, स्थानीय शासन की परम्परा, नागरिकों को राजनीतिक शिक्षा एवं अनुभव, राष्ट्रीय एकता, सुसंगठित राजनीतिक दलों का अभाव तथा आर्थिक असमानता का अभाव प्रमुख है।

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