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भारत का उपराष्ट्रपति

अनु०63 में लिखा है कि There shall be a vice President.
उपराष्ट्रपति का पद विषम परिस्थितियों में काम आता है।

भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिये योग्यता 

भारत का नागरिक होना चाहिए।
न्यूनतम आयु 35 वर्ष होनी चाहिए। 
लाभ के पद पर न हो। 
राज्यसभा सदस्य बनने की योग्यता हो।

निर्वाचक मंडल संसद के मनोनीत एवं निर्वाचित सभी सदस्य भाग लेते हैं।

निर्वाचन विधि उपराष्ट्रपति का चुनाव एकल संक्रमणीय आनुपातिक गुप्त मतदान प्रणाली द्वारा होता है।20 प्रस्तावक 20 अनुमोदक होते हैं। जमानत राशि 15 हजार रुपये है । वैधमत का 1/6 प्राप्त न करने पर जमानत राशि जब्त हो जाती है। अनु० 324 के अन्तर्गत चुनाव आयोग  निर्वाचन प्रक्रिया सम्पन्न कराता है। । निर्वाचन में किसी भी तरह की समस्या होने पर अनु०71 के अन्तर्गत सर्वोच्च न्यायालय शिकायतों का निर्णय करता हैं। लोकसभा एवं राज्यसभा महासचिव पीठासीन/निर्वाचन अधिकारी के रूप में कार्य करते हैं।

शपथ  उपराष्ट्रपति को राष्ट्रपति शपथ दिलातें हैं । अनु०69 के अन्तर्गत उपराष्ट्रपति संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेते हैं।
उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के पद रिक्त होने पर कार्यवाहक राष्ट्रपति के पद पर कार्य करतें हैं।

कार्यकाल उपराष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष होता है। पदरिक्त होने की स्थिति में यथाशीघ्र चुनाव करायें जाते हैं। अनु०67 उपराष्ट्रपति को पद से हटाने की प्रक्रिया का वर्णन करता है । उपराष्ट्रपति को पद से हटाने का प्रस्ताव पहले राज्यसभा में प्रस्तुत किया जाता है क्योंकि यह राज्यसभा का पदेन सभापति होते हैं। राज्यसभा तात्कालिक सदस्य संख्या से बहुमत पारित करती है तब प्रस्ताव लोकसभा में जाता है यदि लोकसभा सहमत है तो उपराष्ट्रपति का पद रिक्त माना जाता है। चर्चा से 14 दिन पहले सूचना देनी होती है।

कार्य उपराष्ट्रपति यथा आवश्यकता राष्ट्रपति को सहयोग देता है। यदि किसी कारणवश राष्ट्रपति का पद रिक्त हो अथवा गम्भीर रूप में अस्वस्थ होने के कारण राष्ट्रपति कार्य न कर सकें ऐसी स्थिति में उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करतें हैं। राष्ट्रपति के त्यागपत्र को स्वीकार कर सकते हैं। 

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